नई दिल्ली में ब्रिक्स : भारत की कूटनीतिक क्षमता से वैश्विक दक्षिण के नेतृत्व तक – कैलाश चन्द्र जी

नई दिल्ली में १२–१३ सितम्बर २०२६ को आयोजित अठारहवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मानना उसके वास्तविक महत्व को सीमित करना होगा। भारत की अध्यक्षता में हुआ …

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छत्तीसगढ़ के लोकजीवन का जीवंत उत्सव पोला तिहार

हमारी लोक संस्कृति के तीज-त्यौहारों में मनुष्य और प्रकृति के बीच बने हुए आत्मीय संबंधों की बेल भी गुंथीहुई दिखाई देती है। लोकपर्वों में कहीं वृक्षों की पूजा होती है, …

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भ्रष्टाचार का विकराल रूप और समाज का मौन !

भ्रष्टाचार के आकंठ तक डूबे जनप्रतिनिधि, ब्यूरोक्रेट्स और समाज में भ्रष्टाचार को लेकर गहरी चुप्पी—देश और समाज के लिए घातक है। यहां जब जनप्रतिनिधि लिखा जा रहा है तो इसमें …

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बालमन दिग्भ्रमित होने से पहले पहचान ले शिक्षा विरोधी तत्वों को

समाज और देश का सबसे महत्वपूर्ण भविष्य हमारे बच्चे हैं। आज के बच्चे ही कल देश को आगे ले जाने वाले महत्वपूर्ण स्तंभ होंगे। इसलिए उनके भविष्य को लेकर किसी …

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“हिंदवी स्वराज्य की अनुपम कृषि व्यवस्था”

छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक वर्ष 1674 में ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी के दिन हुआ था। इस वर्ष महाराज के राज्याभिषेक को 452 वर्ष पूरे हो रहे हैं । ये सवाल …

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कहाँ चली गई वह दाई? – 5 मई अंतर्राष्ट्रीय दाई दिवस विशेष

पुरानी बात है, मैं छठवीं में पढता था। बारिश का मौसम याने जुलाई का महीना था, रात को दादी ने कहा कि ‘जा, रामकली को बुलाकर ला।’ रामकली दाई थी, …

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तमसो मा ज्योतिर्गमय: स्त्री–पुरुष की संयुक्त सहभागिता से सभ्य समाज का पुनर्निर्माण—कैलाश चन्द्र

“असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्माऽमृतं गमय”—यह मंत्र केवल आध्यात्मिक प्रार्थना नहीं, बल्कि मानव जीवन के विकास की संपूर्ण प्रक्रिया का सार है। यह हमें असत्य से सत्य की …

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सहअस्तित्व से ही सुरक्षित रहेगा पृथ्वी का कल

मानव सभ्यता आज जिस दौर से गुजर रही है, उसमें विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। विज्ञान और तकनीक ने जीवन को …

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम: महिला सशक्तिकरण से राष्ट्र रचना तक – डाॅ श्रद्धा मिश्रा

खत्म हुआ दशकों का इंतजार, नारी शक्ति को मिला अधिकार। महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं रहेंगी, बल्कि नेतृत्वकर्ता बनकर देश के विकास को नई दिशा देंगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम …

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