नई दिल्ली में ब्रिक्स : भारत की कूटनीतिक क्षमता से वैश्विक दक्षिण के नेतृत्व तक – कैलाश चन्द्र जी

नई दिल्ली में १२–१३ सितम्बर २०२६ को आयोजित अठारहवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मानना उसके वास्तविक महत्व को सीमित करना होगा। भारत की अध्यक्षता में हुआ …

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जहाँ जन्म हुआ, जीवन का अंतिम पड़ाव भी वही स्थान बना : के. एस. सुदर्शन

आज जिस तरह रायपुर शहर बाहर की तरफ़ चारों ओर फ़ैलकर आस पास के गांवों को अपने भीतर समाहित कर महानगर बनने की राह पर है, 1931 का रायपुर इससे …

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सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने चारभुजानाथ के किए दर्शन

मन्दिर समाज के संस्कार केन्द्र राजसमंद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शनिवार को चारभुजा गढबोर के अल्प प्रवास पर रहे। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध श्री …

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हैदराबाद मुक्ति संग्राम में आर्य समाज की भूमिका

हैदराबाद के भारत में विलय से बहुत पहले वहां ऐसे लोग और संगठन सक्रिय थे जो धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक सुधार और नागरिक अधिकारों की बात कर रहे थे। इन्हीं में …

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25 सितंबर को प्रातः ठीक 11 बजे होगा सामूहिक पूर्ण वंदे मातरम गान

रायपुर/हम सभी गौरवान्वित एवं हर्षित हैं कि इस वर्ष सम्पूर्ण भारत वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगाँठ मना रहा है.वंदे मातरम केवल एक राष्ट्रगीत नहीं,बल्कि भारत की राष्ट्रभक्ति,स्वाभिमान एवं राष्ट्रीय …

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श्री गुरु ग्रंथ साहिब प्रकाश उत्सव ; वाणी का प्रकाश, मानवता का मार्ग

भारत की धरती केवल पर्वतों, नदियों और नगरों की धरती नहीं है। यह ऋषियों, मुनियों, संतों और तपस्वियों की साधना से पवित्र हुई भूमि है। यहाँ जब-जब समाज के सामने …

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श्रीगुरु ग्रन्थ साहिब में संतों की वाणी और सामाजिक समरसता

श्रीगुरु ग्रन्थ साहिब में गुरुओं की वाणी के आध्यात्मिक प्रवाह में कबीर, रविदास, नामदेव, धन्ना, पीपा, सैन, सदना, त्रिलोचन और शेख फरीद आदि संतों के स्वर सुनाई देते हैं। अलग-अलग …

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आत्मबोध से विश्वबोध तक : विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद का कालजयी भाषण आज भी भारत के लोगों की स्मृति में है। यह 11 सितंबर 1893 को शिकागो में हुआ था। विश्व धर्म संसद के विशाल मंच पर …

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लोक अदालत: त्वरित न्याय की नई राह

भारतीय न्याय व्यवस्था के इतिहास में उस दिन एक नया अध्याय जुड़ गया जब सुलभ और त्वरित न्याय की दिशा मे देश की शीर्ष अदालत में समाधान समारोह 2026 के …

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जीवन गढ़ने वाले गुरु अब कहाँ गये?

शिक्षक दिवस आते ही हर वर्ष विद्यालयों में कार्यक्रम होते हैं। शिक्षक सम्मानित होते हैं, विद्यार्थी उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और सोशल मीडिया पर गुरु के महत्व से …

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