शरद पूर्णिमा की चांदनी में पुरखों का प्रकृति ज्ञान

बचपन में देखा जब आसमान साफ रहता था, तब चाँद की छटा कुछ अलग ही दिखाई देती थी। रात में छत पर निकलते तो लगता, चाँदनी ने पूरे संसार पर …

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श्री विजयादशमी उत्सव 2026 में पूजनीय सरसंघचालक जी का उद्बोधन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी के कार्यक्रमों के समापन के अवसर पर विजयादशमी उत्सव मनाने के लिए हम आज यहां एकत्रित हैं। यह वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के …

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नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा

॥ शरण्यां शिवदां शिवाम् ॥ या श्री: स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मी:,पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धि:।श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा,त्वां त्वां नता: स्म परिपालय देवि विश्वम्॥(श्री दुर्गा सप्तशती ४/५) जो सुकृत्य करने वालों के …

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शक्ति का रहस्य और आज की उपासना का अपेक्षित स्वरूप

शक्ति का महत्व आद्यगुरु शंकराचार्य अपने जब गुरु आचार्य गौड़पाद से शिक्षा पूर्ण कर ली तब उन्हें गुरु ने आगे की काम के लिए काशी जाने के लिए कहा। काशी …

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राजमहल से जनपथ तक विजयाराजे सिंधिया की राजनीतिक यात्रा

राजमहल झरोंखों से बाहर देखने पर दुनिया कुछ और दिखाई देती है। दूर तक फैली संपत्ति, सम्मान में झुकते लोग और जीवन की ऐसी व्यवस्था, जिसमें बहुत-सी चीजें अपने आप …

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सनातन दर्शन एवं भारतीय जीवन शैली है मानसिक स्वास्थ्य की कुंजी

आधुनिक भौतिक युग में मनुष्य ने बाहर की दुनिया को साधा, लेकिन धीरे धीरे अपने से दूर होता गया। सुविधा बढ़ी, साधन बढ़े, गति बढ़ी, लेकिन मन की शांति उसी …

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अपने देश का दुर्भाग्य..! – प्रशांत पोळ

जोसेफ गोबेल्स यह 1933 से 1945 तक, एडोल्फ हिटलर के नाजी जर्मनी का कुख्यात प्रचार मंत्री था। ‘हिटलर का सबसे विश्वासपात्र और निष्ठावान मंत्री’ यह उसकी पहचान थी। द्वितीय विश्व …

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संघर्ष की अग्नि में तपा हुआ कलाकार यशवंत लोहार याने नाना पाटेकर

मैंने जीवन में अधिक फ़िल्में नहीं देखी हैं, लेकिन फिल्म यशवंत मैंने देखी थी। उसमें नाना पाटेकर ने पुलिस अधिकारी यशवंत लोहार की भूमिका निभाई थी। फिल्म देखते हुए नाना …

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पितृपक्ष की इंदिरा एकादशी क्यों है विशेष?

आश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा गया है। पितृपक्ष के बीच पड़ने वाली इस एकादशी की कथा राजा इंद्रसेन से शुरू होती है। माहिष्मती के राजा इंद्रसेन …

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