श्री विजयादशमी उत्सव 2026 में पूजनीय सरसंघचालक जी का उद्बोधन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी के कार्यक्रमों के समापन के अवसर पर विजयादशमी उत्सव मनाने के लिए हम आज यहां एकत्रित हैं। यह वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के …

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कम्युनिस्ट आतंक : RSS की शाखा पर CPM का हमला कोई नई बात नहीं !

संघ वर्षों से विरोध, हिंसा की परिस्थितियों के बीच संघर्ष करते हुए कार्य कर रहा है । 30 सितंबर 2026 को केरलम (केरल) में RSS की शाखा में गीत गा …

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महात्मा गांधी की जीवनदृष्टि का अनुसरण करें — डॉ. मोहन भागवत

भारत देश के आधुनिक इतिहास तथा स्वतंत्र भारत के उत्थान की गाथा में जिन विभूतियों के नाम सदा के लिये अंकित हो गये हैं, जो सनातन काल से चलती आयी …

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व्यक्ति ‘धर्मप्रवण’ बने और समाज धर्माधिष्ठित रहे (धर्म निरपेक्ष नहीं)

रवींद्रनाथ ठाकुर ने कहा है कि समाज को देना ‘चैरिटी’ है और समाज को वापस लौटाना ‘धर्म’ है। भारत सदियों से यही परंपरा निभाता आया है। तीर्थयात्रियों के रहने के …

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अंत्योदय से विकसित भारत तक : दीनदयाल जी के विचारों की यात्रा

“एक बीज जड़ों, तनों, शाखाओं, पत्तियों, फूलों और फलों के रूप में व्यक्त होता है, फिर भी हम बीज के माध्यम से उसकी एकता को पहचानते हैं।”— पंडित दीनदयाल उपाध्याय …

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धर्म व्यक्ति और समाज को जोड़ने, बिखरने से बचाने तथा निरंतर उन्नति की ओर ले जाने वाला अनुशासन है – डॉ. मोहन भागवत जी

सेवाज्ञ संस्थानम् के राष्ट्रीय उपक्रम ‘युवा धर्म संसद-2026’ का शुभारम्भ उज्जैन। सेवाज्ञ संस्थानम् के राष्ट्रीय उपक्रम ‘युवा धर्म संसद-2026 अवन्तिका’ का शुभारम्भ उज्जैन के गीता भवन में हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक …

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सुदर्शनजी का योगमय जीवन—डॉ. मोहन भागवत

पू. सुदर्शनजी को कृतिरूप श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी। पूजनीय सुदर्शनजी के नाम के पीछे स्वर्गीय लगाने की आदत होने में बहुत समय लगेगा। उनके सान्निध्य में जितने लोग आये हैं, …

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नई दिल्ली में ब्रिक्स : भारत की कूटनीतिक क्षमता से वैश्विक दक्षिण के नेतृत्व तक – कैलाश चन्द्र जी

नई दिल्ली में १२–१३ सितम्बर २०२६ को आयोजित अठारहवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मानना उसके वास्तविक महत्व को सीमित करना होगा। भारत की अध्यक्षता में हुआ …

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