

भारत आज हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर है किन्तु चुनौतियाँ से भी सजग रहें : दत्तात्रेय होसबाले
रायगढ़ प्रवास पर पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले
रायपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह माननीय श्री दत्तात्रेय होसबाले 13 फरवरी को रायगढ़ प्रवास पर रहे. रायगढ़ विभाग (रायगढ़, सारंगढ़, बिलाईगढ़) में आयोजित विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी गरिमामयी उपस्थिति रही। 13 फरवरी 2025 को तीन कार्यक्रम संपन्न हुए जिसमें क्रमशः सावित्री नगर कोतरा रोड स्थित समर्पण सेवा समिति द्वारा नवनिर्मित संघ कार्यालय भवन का लोकार्पण, वास्तु पूजन के साथ संपन्न हुआ। इसके पश्चात शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम (मिनी स्टेडियम) में रायगढ़ विभाग के सभी स्वयंसेवकों का शारीरिक प्रकटोत्सव हुआ. इसे देखने के लिए नगर सहित आसपास के क्षेत्र से बंधु-भगिनी व प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।पंजरी प्लांट नगर निगम ऑडिटोरियम में प्रबुद्ध जन व्याख्यान माला में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी का उद्बोधन हुआ। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज भारत प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन चुका है। हम ऋण लेने वाले नहीं बल्कि ऋण देने वाले बन चुके हैँ…हालांकि हर प्रकार की अनुकूलता के बीच चुनौतियाँ भी हैँ, उनसे हमें सजग रहना होगा। यह चुनौतियाँ दो तीन तरह की हैँ। आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा को लेकर हमें जागृत रहना होगा। चीन किस तरह एशिया और दक्षिण एशिया में आधिपत्य स्थापित करना चाहता है, यह किसी से छिपा नहीं है।बांग्लादेश और श्रीलंका की आज जो स्थिति है, उसके पीछे चीन है। चीन भारत में देश विरोधी ताकतों को प्रोत्साहित करता है, उससे समाज को सजग रहना होगा, सिर्फ सरकार के सजग रहने से नहीं होगा। हमें चरित्र निर्माण वाली शिक्षा चाहिए। भारत हमेशा ज्ञान का केंद्र रहा है, इसलिए हम विश्वगुरु कहलाते हैँ। हमारे यहाँ विश्व के कोने-कोने से लोग ज्ञान लेने आते थे। उन्होंने कहा, समाज की एकता हमारी आस्था का विषय होना चाहिए।कुटुंब से प्राप्त संस्कार व जीवन मूल्य के कारण आज हमारी पहचान है, किन्तु इस पर संकट है। हमें ज्ञान, विज्ञान, कौशल से आधुनिक बनना होगा किन्तु ज्ञान, संस्कृति व संस्कार को नहीं छोड़ना है। बच्चों को मातृभाषा, भारतीय जीवन मूल्य, रीति रिवाज, स्वदेशी व पर्यावरण की जानकारी दें। जीवन में प्रमाणितकता रखने का संदेश दें। सरकार्यवाह श्री होसबाले ने कहा, बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने भी कहा था, ” संविधान कितना भी अच्छा हो लेकिन यदि उसे चलाने और उसका पालन करने वाले ठीक नहीं होंगे, वह चरित्रवान नहीं होंगे तो वह अपने उदेश्य पूरे नहीं कर पाएगा।” उन्होंने अपने संबोधन में कहा, मनुष्य को स्वर्णिम बनाने उसके व्यक्तित्व को गढ़ने का कार्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सौ वर्षों से कर रहा है।प्रयत्न करने से मनुष्य ईश्वर बन जाता है, भगवान राम को भी मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहा जाता है। जीवित समाज में चुनौतियां रहेंगी, उन चुनौतियों का समाधान ज्ञान, कौशल, परिश्रम, समरसता से संभव हो।आधुनिकता के नाम पर पश्चिम का अंधानुकरण ठीक नहीं, हमारे व्यक्तिगत, व्यावसायिक, सामाजिक जीवन में भारत को आगे ले जाने वाले संकल्प परिलक्षित होना चाहिए..
कार्यक्रम में मध्य क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक श्री स्वप्निल कुलकर्णी जी, छत्तीसगढ़ के प्रांत प्रचारक श्री अभय राम जी, प्रांत कार्यवाह श्री चंद्रशेखर देवांगन जी, सह प्रांत प्रचारक श्री नारायण नामदेव एवं बड़ी संख्या में प्रबुद्ध व गणमान्य जन उपस्थित थे।
