आत्मबोध से विश्वबोध तक : विवेकानंद
स्वामी विवेकानंद का कालजयी भाषण आज भी भारत के लोगों की स्मृति में है। यह 11 सितंबर 1893 को शिकागो में हुआ था। विश्व धर्म संसद के विशाल मंच पर …
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स्वामी विवेकानंद का कालजयी भाषण आज भी भारत के लोगों की स्मृति में है। यह 11 सितंबर 1893 को शिकागो में हुआ था। विश्व धर्म संसद के विशाल मंच पर …
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हमारी लोक संस्कृति के तीज-त्यौहारों में मनुष्य और प्रकृति के बीच बने हुए आत्मीय संबंधों की बेल भी गुंथीहुई दिखाई देती है। लोकपर्वों में कहीं वृक्षों की पूजा होती है, …
छत्तीसगढ़ के लोकजीवन का जीवंत उत्सव पोला तिहार Read More
हमारी लोकपरंपरा में हलषष्ठी अर्थात कमरछठ या खमरछठ का व्रत माताओं द्वारा संतान के सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना से रखा जाता है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की …
प्रकृति और मनुष्य के सहजीवन की लोकगाथा कमरछठ Read More
बस्तर की धरती पर दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी मंदिर केवल एक प्रसिद्ध देवी स्थल ही नहीं है, यह उस सांस्कृतिक भूगोल का केंद्र है, जहां आस्था, लोकविश्वास, जनजातीय परंपराएं और प्रकृति …
दंतेश्वरी मइया का रक्षासूत्र, लोकजीवन को बांधता आस्था के सूत्र में Read Moreमानसून मुझे बहुत ही पसंद है। अगर कहीं ठहरे हैं तो परनालों से बरसते पानी की सरगम से उपजे संगीत के क्या कहने। अगर चल रहे हैं तो भीगती हुई …
सम्मोहित कर देता है मानसून में कांगेर वैली का तिलस्म Read More
हो• वे• शेषाद्रि जी (H. V. Seshadri) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की उस धारा के तेजस्वी प्रवाह हैं, जिसमें व्यक्तिगत पद नहीं—कर्तव्य और उत्तरदायित्व ही प्रधान होते हैं। उनका जीवन सतत …
हो. वे. शेषाद्रि जी : जीवन, मूल्य और संघ की दायित्व–परंपरा – कैलाश चन्द्र Read More
विश्व संवाद केंद्र छत्तीसगढ़ एवं प्रचार विभाग जिला सूरजपुर के द्वारा श्री नारद जयंती के उपलक्ष में पत्रकार सम्मान एवं पुरस्कार समारोह का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर सूरजपुर में किया …
देव ऋषि नारद जयंती पर किया गया पत्रकारों का सम्मान Read Moreकुछ लोग इस संसार में आते हैं, अपना जीवन जीते हैं और बिना किसी विशेष पहचान के समय के प्रवाह में विलीन हो जाते हैं। वहीं कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते …
मानवता के दीपक : पद्म श्री दामोदर गणेश बापट Read More
कभी हमारे पड़ोस में, मोहल्ले या शहर में रहने वाला कोई परिचित अपना धर्म परिवर्तन कर ले तो हम ये सोचते रह जाते हैं कि आखिर इसने ऐसा क्यों किया? …
अमेरिका से आ रहा था धर्मान्तरण के लिए धन!- प्रियंका कौशल Read More
लोगों को ईसाई बनाने के लिए 95 करोड़ का लेनदेन ईडी के प्रेसनोट में चौंकाने वाले तथ्य रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में धर्मान्तरण के लिए विदेशी फंडिंग का …
अमेरिकी मिशनरी से आता था बस्तर में धर्मांतरण के लिए धन! Read More