भारत में मार्क्सवादी विचारधारा के लगभग 100 वर्ष: घोषित आदर्श, वास्तविक योगदान और परिणाम— कैलाश चन्द्र जी

पिछले लगभग 100 वर्षों में मार्क्सवादी विचारधारा और उससे जुड़े संगठनों ने भारत को क्या दिया?हिंसक संघर्षों, राजनीतिक आंदोलनों और चुनावी प्रभाव से आगे बढ़कर उन्होंने चिकित्सा, शिक्षा, कौशल विकास, …

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श्री विजयादशमी उत्सव 2026 में पूजनीय सरसंघचालक जी का उद्बोधन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी के कार्यक्रमों के समापन के अवसर पर विजयादशमी उत्सव मनाने के लिए हम आज यहां एकत्रित हैं। यह वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के …

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शक्ति का रहस्य और आज की उपासना का अपेक्षित स्वरूप

शक्ति का महत्व आद्यगुरु शंकराचार्य अपने जब गुरु आचार्य गौड़पाद से शिक्षा पूर्ण कर ली तब उन्हें गुरु ने आगे की काम के लिए काशी जाने के लिए कहा। काशी …

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नवरात्रि में शक्ति की पूजा के साथ प्रकृति की आराधना

पितृपक्ष की समाप्ति पर सर्वपितृ अमावस्या के अगले दिन आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शारदीय नवरात्र शुरू होता है। घर और मंदिरों में देवी के नौ रूपों की पूजा होती है। …

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छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा में पितर पाख

गणेश पक्ष आते ही पितर पाख की आहट सुनाई देने लगती है, क्योंकि इस पाख में पितरों का आगमन होता है और उनका श्रद्धापूर्वक उन्हें याद करते हुए श्राद्ध किया …

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परंपरागत विश्वकर्मा शिल्पकार, दशा एवं दिशा : 17 सितंबर विश्वकर्मा पूजा विशेष

विश्वकर्मा समाज से आशय उन परंपरागत शिल्पकार परिवारों से है, जो स्वयं को विश्वकर्मा के पाँच पुत्रों, मनु, मय, त्वष्टा, शिल्पी और देवज्ञ की संतान मानते हैं। परंपरा में मनु …

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आत्मबोध से विश्वबोध तक : विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद का कालजयी भाषण आज भी भारत के लोगों की स्मृति में है। यह 11 सितंबर 1893 को शिकागो में हुआ था। विश्व धर्म संसद के विशाल मंच पर …

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छत्तीसगढ़ के लोकजीवन का जीवंत उत्सव पोला तिहार

हमारी लोक संस्कृति के तीज-त्यौहारों में मनुष्य और प्रकृति के बीच बने हुए आत्मीय संबंधों की बेल भी गुंथीहुई दिखाई देती है। लोकपर्वों में कहीं वृक्षों की पूजा होती है, …

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प्रकृति और मनुष्य के सहजीवन की लोकगाथा कमरछठ

हमारी लोकपरंपरा में हलषष्ठी अर्थात कमरछठ या खमरछठ का व्रत माताओं द्वारा संतान के सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना से रखा जाता है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की …

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