हो. वे. शेषाद्रि जी : जीवन, मूल्य और संघ की दायित्व–परंपरा – कैलाश चन्द्र

हो• वे• शेषाद्रि जी (H. V. Seshadri) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की उस धारा के तेजस्वी प्रवाह हैं, जिसमें व्यक्तिगत पद नहीं—कर्तव्य और उत्तरदायित्व ही प्रधान होते हैं। उनका जीवन सतत …

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देव ऋषि नारद जयंती पर किया गया पत्रकारों का सम्मान

विश्व संवाद केंद्र छत्तीसगढ़ एवं प्रचार विभाग जिला सूरजपुर के द्वारा श्री नारद जयंती के उपलक्ष में पत्रकार सम्मान एवं पुरस्कार समारोह का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर सूरजपुर में किया …

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मानवता के दीपक : पद्म श्री दामोदर गणेश बापट

कुछ लोग इस संसार में आते हैं, अपना जीवन जीते हैं और बिना किसी विशेष पहचान के समय के प्रवाह में विलीन हो जाते हैं। वहीं कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते …

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अमेरिका से आ रहा था धर्मान्तरण के लिए धन!- प्रियंका कौशल

कभी हमारे पड़ोस में, मोहल्ले या शहर में रहने वाला कोई परिचित अपना धर्म परिवर्तन कर ले तो हम ये सोचते रह जाते हैं कि आखिर इसने ऐसा क्यों किया? …

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अमेरिकी मिशनरी से आता था बस्तर में धर्मांतरण के लिए धन!

लोगों को ईसाई बनाने के लिए 95 करोड़ का लेनदेन ईडी के प्रेसनोट में चौंकाने वाले तथ्य रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में धर्मान्तरण के लिए विदेशी फंडिंग का …

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बस्तर के बच्चों को अनाथ करने वाले राक्षसों को नायक बताना बंद करो! – प्रियंका कौशल

बस्तर में हजारों बच्चे ऐसे हैं जिनके माता-पिता नक्सल क्रूरता के शिकार हुए हैं। सैकड़ो बच्चों ने अपने पिता या माता, या फिर दोनों को ही नक्सल हिंसा में खो …

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असहज सच से मुंह मोड़ने की ‘सेकुलर’ कीमत – बलबीर पुंज

सच से आंखें चुराकर समाज कभी मजबूत नहीं बनता। जब किसी संकट को जानबूझकर नकार दिया जाता है, तो वह और गहरी जड़ पकड़ लेता है। स्वतंत्र भारत में दशकों …

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बस्तर: अब जब सांस ले रहा है, तो रास्ता कैसा हो?

बस्तर को हमने बहुत लंबे समय तक एक ही नजर से देखा—संघर्ष, नक्सल, बंदूक और असुरक्षा की नजर से। इतनी लंबी अवधि तक यही तस्वीर हमारे सामने रखी गई कि …

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माओवादी आतंक का खात्मा : अर्बन नक्सलियों पर अमित शाह का प्रहार  !

देश नक्सलवाद-माओवाद के आतंक से मुक्त हो गया। माओवादी आतंक से मुक्ति एक बड़ी विजय के रूप में देखी जानी चाहिए। ये विजय दृढ़ संकल्प, दृढ़ इच्छाशक्ति और ध्येय निष्ठा …

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सृष्टि, ऋतु और काल के सनातन चक्र का उत्सव : भारतीय नववर्ष

भारतीय संस्कृति में नववर्ष का अर्थ केवल कैलेंडर की एक नई तारीख से नहीं है। यह मनुष्य, प्रकृति और ब्रह्मांड के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है। भारतीय परंपरा में …

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