विरोध का भी एक सलीका होता है जनतंत्र में सिर्फ़ आरोपों से नहीं बनती विश्वसनीयता
मोदी सरकार जब 2014 में आई तो भारतीय राजशाही ने सोचा भी न था कि ये सरकार लगातार तीन चुनाव जीत कर बनी रहेगी। रेल्वे स्टेशन पर चाय बेचने वाला …
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