मानवता के दीपक : पद्म श्री दामोदर गणेश बापट

कुछ लोग इस संसार में आते हैं, अपना जीवन जीते हैं और बिना किसी विशेष पहचान के समय के प्रवाह में विलीन हो जाते हैं। वहीं कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते …

मानवता के दीपक : पद्म श्री दामोदर गणेश बापट Read More

अमेरिका से आ रहा था धर्मान्तरण के लिए धन!- प्रियंका कौशल

कभी हमारे पड़ोस में, मोहल्ले या शहर में रहने वाला कोई परिचित अपना धर्म परिवर्तन कर ले तो हम ये सोचते रह जाते हैं कि आखिर इसने ऐसा क्यों किया? …

अमेरिका से आ रहा था धर्मान्तरण के लिए धन!- प्रियंका कौशल Read More

अमेरिकी मिशनरी से आता था बस्तर में धर्मांतरण के लिए धन!

लोगों को ईसाई बनाने के लिए 95 करोड़ का लेनदेन ईडी के प्रेसनोट में चौंकाने वाले तथ्य रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में धर्मान्तरण के लिए विदेशी फंडिंग का …

अमेरिकी मिशनरी से आता था बस्तर में धर्मांतरण के लिए धन! Read More

बस्तर के बच्चों को अनाथ करने वाले राक्षसों को नायक बताना बंद करो! – प्रियंका कौशल

बस्तर में हजारों बच्चे ऐसे हैं जिनके माता-पिता नक्सल क्रूरता के शिकार हुए हैं। सैकड़ो बच्चों ने अपने पिता या माता, या फिर दोनों को ही नक्सल हिंसा में खो …

बस्तर के बच्चों को अनाथ करने वाले राक्षसों को नायक बताना बंद करो! – प्रियंका कौशल Read More

सहअस्तित्व से ही सुरक्षित रहेगा पृथ्वी का कल

मानव सभ्यता आज जिस दौर से गुजर रही है, उसमें विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। विज्ञान और तकनीक ने जीवन को …

सहअस्तित्व से ही सुरक्षित रहेगा पृथ्वी का कल Read More

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: महिला सशक्तिकरण से राष्ट्र रचना तक – डाॅ श्रद्धा मिश्रा

खत्म हुआ दशकों का इंतजार, नारी शक्ति को मिला अधिकार। महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं रहेंगी, बल्कि नेतृत्वकर्ता बनकर देश के विकास को नई दिशा देंगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम …

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: महिला सशक्तिकरण से राष्ट्र रचना तक – डाॅ श्रद्धा मिश्रा Read More

असहज सच से मुंह मोड़ने की ‘सेकुलर’ कीमत – बलबीर पुंज

सच से आंखें चुराकर समाज कभी मजबूत नहीं बनता। जब किसी संकट को जानबूझकर नकार दिया जाता है, तो वह और गहरी जड़ पकड़ लेता है। स्वतंत्र भारत में दशकों …

असहज सच से मुंह मोड़ने की ‘सेकुलर’ कीमत – बलबीर पुंज Read More

बस्तर: अब जब सांस ले रहा है, तो रास्ता कैसा हो?

बस्तर को हमने बहुत लंबे समय तक एक ही नजर से देखा—संघर्ष, नक्सल, बंदूक और असुरक्षा की नजर से। इतनी लंबी अवधि तक यही तस्वीर हमारे सामने रखी गई कि …

बस्तर: अब जब सांस ले रहा है, तो रास्ता कैसा हो? Read More

नारी के सामने संतुलन की चुनौती

भारतीय समाज एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां परिवर्तन की गति अभूतपूर्व है। इस बदलाव का सबसे स्पष्ट प्रभाव महिलाओं के जीवन पर दिखाई देता है। आज की …

नारी के सामने संतुलन की चुनौती Read More

भारत की ‘स्व’देशी जीवन-शैली में ‘स्व’ के आयाम – डॉ. मनमोहन वैद्य जी

भारत की स्वदेशी जीवन-शैली में निहित ‘स्व’ के भारत में निर्मित वस्तुओं का प्रधानतः उपयोग करने के साथ भी अनेक महत्वपूर्ण पहलू हैं। भारत की शिक्षा-पद्धति के मूल्यांकन के लिए 1964–1966 के …

भारत की ‘स्व’देशी जीवन-शैली में ‘स्व’ के आयाम – डॉ. मनमोहन वैद्य जी Read More