भारत में ‘विश्व मूल निवासी दिवस’ का औचित्य…?
मुस्लिम आक्रांताओं का अपवाद छोड़ा तो हम सभी मूल निवासी हैं । और जिन्हे ‘आदिवासी’ कहा जाता हैं, वे ‘आदिम युग…
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मुस्लिम आक्रांताओं का अपवाद छोड़ा तो हम सभी मूल निवासी हैं । और जिन्हे ‘आदिवासी’ कहा जाता हैं, वे ‘आदिम युग…
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बंगाल में भू-आंदोलन के बाद नक्सलवादी आंदोलन लगभग समाप्त हो गया| मगर उसके विश्लेषण से जो बात निकली वो साफ थी की, संथाल आदिवासियों की तरह, भारत के कई राज्यों में अन्य अन्य जनजातीय समाज रहते हैं, जिनकी समस्याओं के रास्ते नई क्रांति फिर पैदा करने की तैयारी की गई |
‘मूलनिवासी’ संकल्पना – वामपंथीयों की देन – वैश्विक षड्यंत्र भाग-३ Read More
9 अगस्त का इतिहास बताते समय हमे वर्किंग ग्रूप की 1982 की पहली बैठक का हवाला दिया जाता है, जो की झूठ है |
वैश्विक षड्यंत्र “Indigenous Day” – 9 अगस्त ही क्यों ? भाग-२ Read More
भारत की जनसंख्या का लगभग 8 प्रतिशत हिस्सा जनजाती समाज है| क्या इस जनजाति समाज को भारत के विरुद्ध खड़ा करने का कोई वैश्विक षड़यंत्र चल रहा है ? …
भारत के जनजाति समाज को तोड़ने का वैश्विक षड्यंत्र – भाग-१ Read More
नई दिल्ली. भारत एक अप्रत्याशित लोक स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है. कोरोना की दूसरी लहर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. केंद्र और राज्य सरकारों के …
#PositivityUnlimited #हम_जीतेंगे – आत्मविश्वास व सकारात्मकता का संचार करने के लिए 11 से 15 मई तक ‘पॉजिटिविटी अनलिमिटेड’ Read More
7 मई, 2021 लोकतंत्र में चुनावों की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। चुनावों के इसी क्रम में पश्चिम बंगाल का चुनाव अभी-अभी सम्पन्न हुआ है। बंगाल के सम्पूर्ण समाज ने …
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वीभत्स हिंसा की कठोर शब्दों में निंदा करता है – सरकार्यवाह Read More
219 स्थानों पर स्वयंसेवकों द्वारा कोविड अस्पतालों में प्रशासन का सहयोग स्वयंसेवकों ने 43 प्रमुख शहरों में कोविड सेवा केंद्र, 2442 टीकाकरण केंद्र, 10000 टीकाकरण जागरूकता अभियान शुरू किये नई …
शासन-प्रशासन व समाज के समन्वित प्रयास से ही कोरोना संकट पर विजय प्राप्त करेगा भारत Read More
भारत महापुरुषों और देवी-देवताओं का देश कहा जाता है । इसी देश की भूमि पर देवी-देवताओं ने अवतार लेकर महान कार्य किये और ऋषि-मुनियों ने ज्ञान की गंगा बहायी …
महावीर जयंती – अहिंसा, अमृषा, अचौर्य , अमैथुन और अपरिग्रह Read More
राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने वाला पुण्य दिवस हिंदू नव वर्ष चैत्र मास की प्रतिपदा के दिन मनाया जाता है| इस दिन से चैत्र नवरात्रि की शुरूआत होती …
राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने वाला पुण्य दिवस #वर्षप्रतिपदा पर #भूमिसुपोषण Read More
ज्योतिराव गोविंदराव फुले 19 वीं सदी में महाराष्ट्र के समाज सुधारकों में एक खास स्थान रखते हैं। एक तरफ जहां अन्य समाज सुधारकों ने महिलाओं की स्थिति और अधिकार पर …
एक महान विचारक, समाज सुधारक, लेखक, दार्शनिक, संपादक और क्रांतिकारी – ज्योतिरादित्य गोविंदराव फुले Read More