श्रीराम आज भी प्रासंगिक क्यों हैं? – बलबीर पुंज

सभी पाठकों को पावन रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं। हिंदू परंपरा में श्रीराम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं, जिनका अवतरण त्रेतायुग में हुआ। महर्षि वाल्मीकि प्रणीत रामायण और गोस्वामी तुलसीदास …

श्रीराम आज भी प्रासंगिक क्यों हैं? – बलबीर पुंज Read More

हिंदू नववर्ष ~ कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल

दृश्य …शहर का प्रसिद्ध सिद्धिदात्री मंदिर, जहां दीनानाथ अपने पोते-पोतियों – अभय,निर्भय , सिद्धि और श्रेष्ठ के साथ पूजा करने गए हुए हैं… मंदिर में धीमे मद्धिम स्वर से —-ओम …

हिंदू नववर्ष ~ कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल Read More

क्या बंगाल सच में इतना अराजक है ! — गोपाल सामंतो

देश आज एक नया अध्याय को देख रहा है, दुर्भाग्यवश यह अध्याय भी उसी पुण्य भूमि से शुरू हो रही है जहाँ से स्वतंत्रता संग्राम शुरू हुआ था। इस वाक्य …

क्या बंगाल सच में इतना अराजक है ! — गोपाल सामंतो Read More

संत रविदास का जीवन-संदेश और समरस भारत की दिशा – कैलाश चन्द्र जी

हरियाणा के समालखा स्थित माधव सृष्टि में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा 2026 में संत शिरोमणि संत रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर व्यक्त …

संत रविदास का जीवन-संदेश और समरस भारत की दिशा – कैलाश चन्द्र जी Read More

आज की थाली, कल की सेहत

चमकते मॉल, फूड ऐप्स पर मिलते ऑफर और दो मिनट में तैयार होने वाले खाने के दौर में हमारी थाली तेजी से बदल रही है। पिज़्ज़ा, बर्गर और पैकेज्ड स्नैक्स …

आज की थाली, कल की सेहत Read More

बंगाल को क्यों बचाने की ज़रूरत है ?— गोपाल सामंतो

आज जब सम्पूर्ण देश राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” की पंक्तियों के बीच एक सम्पूर्ण जीवन शैली की खोज और प्रसंस्करण में व्यस्त है, ठीक उसी समय बंगाल — उस पुण्यभूमि में …

बंगाल को क्यों बचाने की ज़रूरत है ?— गोपाल सामंतो Read More

छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026: आधुनिक भारत में धर्मांतरण-नियमन का नया मानक – कैलाश चन्द्र

छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 : भारतीय संघीय ढाँचे में धर्मांतरण-नियमन का विकसित होता परिदृश्य(ओडिशा, मध्यप्रदेश और हिमाचल प्रदेश के संदर्भों सहित एक विश्लेषण) भारत में Conversion (मतांतरण) को लेकर …

छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026: आधुनिक भारत में धर्मांतरण-नियमन का नया मानक – कैलाश चन्द्र Read More

होलिका-दहन पर वामपंथी कलुष– कैलाश चन्द्र

स्मृति–विनाश की इस वैचारिक आग को पहचानिए भारत की सांस्कृतिक स्मृति पर जितने हमले बाहरी आक्रान्ताओं ने नहीं किए, उससे कहीं अधिक गहरे, कहीं अधिक धूर्त हमले आज के वैचारिक …

होलिका-दहन पर वामपंथी कलुष– कैलाश चन्द्र Read More

शत्रुबोध, परिस्थितिबोध और वैचारिक भ्रम का वर्तमान संकट

राष्ट्रीय और अराष्ट्रीय पाले की समझ न होना—यही आज का सबसे बड़ा वैचारिक संकट है। अपने और पराये की पहचान न कर पाने की यह दुर्बलता तब सबसे हास्यास्पद दिखाई …

शत्रुबोध, परिस्थितिबोध और वैचारिक भ्रम का वर्तमान संकट Read More