
मन्दिर समाज के संस्कार केन्द्र
राजसमंद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शनिवार को चारभुजा गढबोर के अल्प प्रवास पर रहे। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध श्री चारभुजानाथ मंदिर पहुंचकर भगवान चारभुजानाथ के दर्शन किए तथा विधिवत पूजा-अर्चना कर देश एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर पहुंचने पर मंदिर के पुजारी एवं प्रतिनिधि मंडल द्वारा डॉ. मोहन भागवत का आत्मीय स्वागत-सत्कार किया गया। इस अवसर पर पुजारी एवं प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें मंदिर की प्राचीन परंपराओं, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व तथा मंदिर की व्यवस्थाओं की जानकारी दी।


डॉ. भागवत ने मंदिर की प्राचीन धार्मिक परंपराओं एवं श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र के रूप में चारभुजानाथ धाम के महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। मंदिर परिसर में उनका प्रवास अत्यंत सहज एवं आत्मीय रहा। उनके आगमन को लेकर मंदिर परिसर में श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण रहा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत जी ने कहा कि सदियों से लगातार चली आ रही मंगलकारी परंपरा में मंदिर यानी समाज के संस्कारों के केंद्र है। इस परंपरा के निर्वहन हेतु आस्था व संस्कार का पाथेय पीढ़ी दर पीढ़ी लगातार मिलने के कारण समाज उत्तम प्रकार से चला आ रहा है।
दर्शन एवं पूजा-अर्चना के पश्चात डॉ. मोहन भागवत ने मंदिर के पुजारी एवं प्रतिनिधि मंडल से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान मंदिर से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। पुजारी एवं प्रतिनिधि मंडल द्वारा प्रसाद भेंट कर मंगलकामना प्रेषित की गई।
