करियप्पा पर झूठ और इतिहास में दबा सच
जब जनरल करियप्पा 1959 में मंगलोर की संघ शाखा के कार्यक्रम में गए थे।
वहां उन्होंने कहा “संघ कार्य मुझे अपने ह्रदय से प्रिय कार्यों में से है। अगर कोई मुस्लिम इस्लाम की प्रशंसा कर सकता है, तो संघ . . .
जब जनरल करियप्पा 1959 में मंगलोर की संघ शाखा के कार्यक्रम में गए थे।
वहां उन्होंने कहा “संघ कार्य मुझे अपने ह्रदय से प्रिय कार्यों में से है। अगर कोई मुस्लिम इस्लाम की प्रशंसा कर सकता है, तो संघ . . .
भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्द्धन की आवश्यकता अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का यह मत है कि भाषा किसी भी व्यक्ति एवं समाज की पहचान का एक महत्त्वपूर्ण घटक तथा उसकी संस्कृति की सजीव संवाहिका होती है। देश में प्रचलित विविध भाषाएँ व बोलियाँ हमारी संस्कृति, उदात्त परंपराओं, उत्कृष्ट ज्ञान एवं विपुल साहित्य को अक्षुण्ण बनाये रखने के साथ ही वैचारिक नवसृजन हेतु भी परम आवश्यक हैं।
अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा, युगाब्द 5119 Read More
माननीय सुरेशजी जोशी (भैय्याजी) आगामी 3 वर्ष (2018-2021) के लिए #RSSसरकार्यवाह पुनर्निर्वाचित हुए।
माननीय सुरेशजी जोशी (भैय्याजी) आगामी 3 वर्ष (2018-2021) के लिए #RSSसरकार्यवाह पुनर्निर्वाचित हुए Read Moreनोएडा (प्रेरणा ब्यूरो)। महापुरुषों की मूर्तियों की अवमानना के मामले को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रवक्ता मनमोहन वैद्य जी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। ये बात उन्होंने संघ की नागपुर में …
मूर्तियों की अवमानना दुर्भाग्यपूर्णः मनमोहन वैद्य Read MoreMohan Bhagwat ji’s speech is misrepresented
Mohan Bhagwat ji’s speech is misrepresented Read More