छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा में पितर पाख
गणेश पक्ष आते ही पितर पाख की आहट सुनाई देने लगती है, क्योंकि इस पाख में पितरों का आगमन होता है और उनका श्रद्धापूर्वक उन्हें याद करते हुए श्राद्ध किया …
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गणेश पक्ष आते ही पितर पाख की आहट सुनाई देने लगती है, क्योंकि इस पाख में पितरों का आगमन होता है और उनका श्रद्धापूर्वक उन्हें याद करते हुए श्राद्ध किया …
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उतरते भादो की सुबहों में जब वर्षा की नमी धीरे-धीरे कम होने लगती है, आकाश का रंग बदलने लगता है और खेतों के ऊपर बादलों की आवाजाही कुछ थमती दिखाई …
शरद विषुव से शरद ऋतु तक भारतीय ऋतुचक्र Read More
गाँव की बैठकों से लेकर ब्रज की गलियों तक चले जाइए, राधा नाम सुनाई पड़ ही जाएगा। कभी किसी भजन की टेक में, कभी किसी विरह गीत में, कभी किसी …
लोक संस्कृति में राधा नाम की व्याप्ति : राधाष्टमी विशेष Read More
विश्वकर्मा समाज से आशय उन परंपरागत शिल्पकार परिवारों से है, जो स्वयं को विश्वकर्मा के पाँच पुत्रों, मनु, मय, त्वष्टा, शिल्पी और देवज्ञ की संतान मानते हैं। परंपरा में मनु …
परंपरागत विश्वकर्मा शिल्पकार, दशा एवं दिशा : 17 सितंबर विश्वकर्मा पूजा विशेष Read More