टूटते परिवार, बिखरते बच्चे
एकल परिवारों में एकांकी जीवन जीने को मजबूर बच्चे और वृद्ध भारत को केवल भारतीयता ही बचा सकती है परिवार प्रबोधन:आज की महती आवश्यकता गाजियाबाद की घटना दिल दहला देने …
टूटते परिवार, बिखरते बच्चे Read More
एकल परिवारों में एकांकी जीवन जीने को मजबूर बच्चे और वृद्ध भारत को केवल भारतीयता ही बचा सकती है परिवार प्रबोधन:आज की महती आवश्यकता गाजियाबाद की घटना दिल दहला देने …
टूटते परिवार, बिखरते बच्चे Read More
विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार हो सकता है, जब देश की नीतियाँ उसकी सबसे बड़ी शक्ति—युवा आबादी—की आकांक्षाओं और राष्ट्र की विकास आवश्यकताओं के साथ तालमेल बिठाएँ। केंद्र सरकार …
केन्द्रीय बजट से तैयार होगा शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच सेतु Read More
मोदी सरकार जब 2014 में आई तो भारतीय राजशाही ने सोचा भी न था कि ये सरकार लगातार तीन चुनाव जीत कर बनी रहेगी। रेल्वे स्टेशन पर चाय बेचने वाला …
विरोध का भी एक सलीका होता है जनतंत्र में सिर्फ़ आरोपों से नहीं बनती विश्वसनीयता Read More
सुधारना होगा लाइफस्टाइल, तभी आएगी चेहरों पर स्माइल विश्व कैंसर दिवस पर विशेषः युवाओं में बढ़ रहे हैं कर्क रोग के आंकड़े दृश्य 1- एक पर्व का अवसर है, टीवी …
कैंसर से बचाएगी स्वदेशी जीवनशैली Read More
भारतीय समाज की रचना में परिवार केवल रक्त-संबंधों का केंद्र नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति, अनुशासन और भविष्य का निर्माण करने वाली संस्था है। जब दुनिया व्यक्तिगतता, उपभोक्तावाद और क्षणिक …
संस्कारित परिवार: जागरूक नागरिक, समरस समाज और संवेदनशील राष्ट्र निर्माण की मूल धुरी-कैलाश चन्द्र Read More
भगवान राम ने ‘रामाराम’ में की थी भू-देवी की पूजा आज से शुरू हुई जात्रा, 700 वर्ष से लग रहा है मेला*बस्तर के सुकमा जिले में स्थित रामाराम मे चिटमिट्टीन …
सुकमा में विराजित हैं देवी माँ चिटमिट्टीन अम्मा देवी Read More
पूर्व जन्मों के पापों को नष्ट करती है माघ पूर्णिमा माघ पूर्णिमा कल्पवास की पूर्णता का पर्व है। संकल्प की संपूर्ति, आनंद और उत्साह का पर्व है। माघी पूर्णिमा के …
जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का पर्व माघ पूर्णिमा Read More
संत रविदास जयंती पर विशेष: जात-पात का नहीं अधिकारा, राम भजे सो उतरे पारा केवल भक्ति ही नहीं सामाजिक समरसता के संवाहक थे संत शिरोमणि रविदास जब देश में बाहरी …
केवल भक्ति ही नहीं सामाजिक समरसता के संवाहक थे – संत शिरोमणि रविदास Read More
आज का दौर तकनीक का दौर है। इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया ने जीवन को आसान, तेज और सुविधाजनक जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ एक गहरी चिंता भी जुड़ …
आभासी दुनिया से बच्चों को बचाने में कारगर होंगे पारिवारिक संस्कार Read More
स्वातंत्र्य का शंखनाद करने वाले भारतीय चेतना के प्रखर स्वर दादा माखनलाल चतुर्वेदी का नाम जब भी कहीं गूँजता है, तब प्रायः हमारी स्मृतियों में ‘पुष्प की अभिलाषा’ चलचित्र की …
स्वातन्त्र्य यज्ञ के कर्मवीर पं. माखनलाल चतुर्वेदी Read More