संघर्ष की अग्नि में तपा हुआ कलाकार यशवंत लोहार याने नाना पाटेकर

मैंने जीवन में अधिक फ़िल्में नहीं देखी हैं, लेकिन फिल्म यशवंत मैंने देखी थी। उसमें नाना पाटेकर ने पुलिस अधिकारी यशवंत लोहार की भूमिका निभाई थी। फिल्म देखते हुए नाना …

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कम्युनिस्ट आतंक : RSS की शाखा पर CPM का हमला कोई नई बात नहीं !

संघ वर्षों से विरोध, हिंसा की परिस्थितियों के बीच संघर्ष करते हुए कार्य कर रहा है । 30 सितंबर 2026 को केरलम (केरल) में RSS की शाखा में गीत गा …

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महात्मा गांधी की जीवनदृष्टि का अनुसरण करें — डॉ. मोहन भागवत

भारत देश के आधुनिक इतिहास तथा स्वतंत्र भारत के उत्थान की गाथा में जिन विभूतियों के नाम सदा के लिये अंकित हो गये हैं, जो सनातन काल से चलती आयी …

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छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा में पितर पाख

गणेश पक्ष आते ही पितर पाख की आहट सुनाई देने लगती है, क्योंकि इस पाख में पितरों का आगमन होता है और उनका श्रद्धापूर्वक उन्हें याद करते हुए श्राद्ध किया …

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“नारी सशक्तिकरण के पुरोगामी : बेचे थाको विद्यासागर चिरंजीबी होए”

(26 सितम्बर जयंती पर सादर समर्पित) “बेचे थाको विद्यासागर चिरंजीबी होए”-जीते रहो विद्यासागर, चिरंजीवी हो!यह बंगाल के साड़ी बुनकर – साड़ियों में बुनते थे,इसे आधुनिक भारत में नारी सशक्तिकरण के …

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राजनीति राष्ट्र के लिए : पं. दीनदयाल उपाध्याय का राजनीतिक दर्शन

भारतीय राजनीति के वृहदाकाश में दैदीप्यमान पं. दीनदयाल उपाध्याय अपने राष्ट्रीय विचारों और प्रखर चिंतक, विचारक के तौर पर लब्धप्रतिष्ठित हैं। सनातन हिन्दू संस्कृति के मुखर पक्षधर और तदानुरुप रीति-नीति …

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सम्राट चन्द्रगुप्त से एकात्म मानवदर्शन तक पं दीनदयाल उपाध्याय के विचारों की यात्रा

दीनदयाल उपाध्याय का नाम स्मरण में आते ही एकात्म मानवदर्शन सामने आ जाता है, लेकिन इस विचार तक पहुंचने से पहले उनकी कलम कई अलग-अलग विषयों से होकर गुजर चुकी …

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व्यक्ति ‘धर्मप्रवण’ बने और समाज धर्माधिष्ठित रहे (धर्म निरपेक्ष नहीं)

रवींद्रनाथ ठाकुर ने कहा है कि समाज को देना ‘चैरिटी’ है और समाज को वापस लौटाना ‘धर्म’ है। भारत सदियों से यही परंपरा निभाता आया है। तीर्थयात्रियों के रहने के …

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